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रेल्वे सामान्य विज्ञान Railway Speedy one line fact: भौतिक विज्ञान

SPEEDY One Line Fact : physics  इकाई  समय में तय की गई दूरी चाल कहलाता है। इकाई समय में निश्चित दिशा में तय की गई दरी वेग कहलाता है। राशियों को परिमाण और दिशा दोनों होते है, जबकि अदिश राशिओं में केवल परिमाण होता है। बाल एक अदिश राशि है, जबकि वेग एक सदिश राशि है। किसी वस्तु द्वारा निश्चित दिशा में स्थान परिवर्तन विस्थापन कहलाता है। विस्थापन शून्य हा सकता है लेकिन तय की गई दूरी शून्य नहीं होता है। वेग में प्रति इकाई समय में होने वाले परिवर्तन को उस पिण्ड का त्वरण (Acceleration) त्वरण और विस्थापन दोनों ही सदिश राशियाँ है। न्यटन के प्रथम गति नियम के अनुसार- 'कोई वस्त गतिशील है, तो वह गतिशील और स्थिर है तो वह स्थिर ही रहना चाहती है। जब तक की उस पर कोई बाहरी बल कार्य न करे।' । विराम के जड़त्व के कारण रूकी हुई गाड़ी को अकस्मात् चलने से यात्री पीछे की ओर झुक जाता है। गति के जड़त्व के कारण चलती हुई गाड़ी को अचानक रूकने पर यात्री आगे की ओर झुक जाता है। । विराम के जड़त्व के कारण डंडे से प्रहार करने पर कोट की धूल झड़ जाती है।...

Railway speedy one line fact : प्रमुख अविष्कार और अविष्कारक

प्रमुख आविष्कार एवं आविष्कारक  - क्वांटम सिद्धांत - मैक्स प्लैंक - कैलकुलेटर - बी. पास्कल - क्लोरोफॉर्म - जेम्स हैरीसन - टेलीग्राफ - मारकोनी . टेलीविजन - जे. एल. बेयर्ड टेलीफोन - ग्राह्मबेल टेलिस्कोप - गैलीलियो ट्रांजिस्टर - विलियम शाल्क डायनेमो - माइकल फेराडे पेनीसिलिन - 'ए फ्लेमिंग परमाणु बम - आटोहॉन - रेडियो एक्टिविटी - हेनरी बेकुरल | - रेडियम - मैडम क्यूरी - रेडियो- मारकोनी - रक्त परिवहन - विलियम हार्वे - भाप इंजन - जेम्स वाट - रडार - टेलर एवं यंग - गन पाउडर - रोजर बेकन छपाई कला - गुटेनबर्ग हवाई जहाज - राइट ब्रदर्स एक्स-रे - रोटजन हाइड्रोजन - केवेंडिश इलेक्ट्रॉन- जे. जे. थॉमसन प्रोटॉन - गोल्डस्टीन न्यूट्रॉन - जेम्स चैडविक नाभिक - रदरफोर्ड - परमाणु संख्या - मोसले - परमाणु सिद्धांत- डाल्टन बैरोमीटर - टोरीसेली आवर्त का नियम - मेंडलीफ डाइनामाइट - अल्फ्रेड नोबेल - सापेक्षता का सिद्धांत - आईन्सटाइन - जॉन सान - रक्त परिवर्तन - लेण्डस्टीनर इन्सुलिन- बैटिंग - पोलियो के टीका -  जॉन ई. सॉल्क बेतार का तार - मारकोनी - जेट इंजन- फ्रेंक ह्वीटल रडार- अलबर्ट टेलर  प्रिंटिंग प्रेसजॉन -...

रेल्वे सामान्य विज्ञान One line fact : शरीर के प्रमुख अदभुद तथ्य

Railway Speedy शरीर के प्रमुख अद्भुत तथ्य :  • मनुष्य का हृदय धड़कता है- 72 बार/मिनट • मानव खोपड़ी में हड्डियाँ होती है -8 • मनुष्य का हृदय धड़कता है - 72 बार/मिनट • स्वस्थ मनुष्य की श्वसन दर-16 से 18 बार • मस्तिष्क का वजन - 1350 से 1400 ग्राम • मस्तिष्क का बड़ा भाग - प्रमस्तिष्क (सेरेब्रम) • वृक्क (किडनी) का वजन - 150 ग्राम • शरीर की सबसे बड़ी हड्डी - फीमर (जाँघ में) • शरीर की सबसे छोटी हड्डी - स्टेपीज (कान) • शरीर में सबसे मजबूत हड्डी - जबड़े की • शरीर का सबसे कठोर तत्व - एनामिल • सामान्य मनुष्य का रक्त चाप - 120/80 मिमी. • मानव शरीर में जल की मात्रा -65 से 80% | • रक्त की मात्रा शरीर के भार का होता है - 7% • मनुष्य में रक्त की मात्रा होती है-5-6 लीटर • मानव रक्त (क्षारीय) का pH मान -7.4 • रक्त को शुद्ध करता है - किडनी (वृक्क) • लाल रक्त कण का निर्माण - अस्थिमज्जा में| • लाल रक्त कण का जीवन काल- 20-120 दिन • श्वेत रक्त कण का जीवन काल -2-4 दिन श्वेत रक्त कण को कहा जाता है - ल्यूकोसाइट लाल...

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 : अध्याय-1 :  प्रारंभिक    1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ 2. परिभाषाएँ अध्याय-2  राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग  3. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन 4. अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति 5. अध्यक्ष और सदस्यों का त्यागपत्र और हटाया जाना 6. अध्यक्ष और सदस्यों की पदावधि 7. कतिपय परिस्थितियों में सदस्य का अध्यक्ष के रूप में कार्य करना या उसके कृत्यों का निर्वहन 8. अध्यक्ष और सदस्यों की सेवा के निबंधन और शर्ते 9. रिक्तियों आदि से आयोग की कार्यवाहियों का अविधिमान्य न होना  10. प्रक्रिया का आयोग द्वारा विनियमित किया जाना। 11. आयोग के अधिकारी और अन्य कर्मचारिवृन्द अध्याय-3 आयोग के कृत्य और शक्तियाँ  12. आयोग के कृत्य 13. जाँच से संबंधित शक्तियाँ 14. अन्वेषण 15. आयोग के समक्ष व्यक्तियों द्वारा किए गए कथन 16. उन व्यक्तियों की सुनवाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना संभाव्य है। अध्याय-4 प्रक्रिया  17. शिकायतों की जाँच 18. जाँच के दौरान और जाँच के पश्चात् कार्र...

Railway Speedy Science one line fact कृषि विज्ञान :

Speedy Science one line fact कृषि विज्ञान :  ◆ रबड़ एक नकदी फसल है। ◆ चावल के लिए आदर्श जलवायु 200 सेमी की बार्षिक वर्षा और 25°C का तापमान है। ◆ 'केसर' का उत्पादन जम्मू और कश्मीर में होता है। ◆ दलहन की कृषि के लिए कम तापमान एवं मध्यम वर्षा की आवश्यकता होती है। ◆ नारियल एक रेशादार फल है। ◆कॉफी एक उष्ण कटिबंधीय झाड़ी होता है। ◆ बैंगलोर को 'बगीचों का शहर' कहा जाता है। ● कृष्णा और गोदावरी नदी का डेल्टा क्षेत्र भारत का 'चावल का कटोरा' कहलाता है। ◆  भारत में झूम कृषि सबसे अधिक असम में होती है। ◆ भारतीय कृषि अनुसंधान संस्था (IARI) की स्थापना मूलरूप से 1905 में बिहार के पूसा नामक स्थान पर की गई थी। ◆ वर्तमान में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान' पूसा कैम्पस, दिल्ली में स्थित है। ◆ गेहूँ की खेती के लिए सबसे अच्छी मृदा 'दोमट' है। ◆मक्का को 'अन्नाज की रानी' के नाम से जाना जाता है। ◆ मसूर एक रबी की दलहनी फसल है। ◆ मध्य प्रदेश को 'सोया प्रदेश' के नाम से जाना जाता है। ...

साइमन कमीशन

साइमन कमीशन, 1927-28 ई. : 1919 ई. के भारत शासन अधिनियम में कहा गया था कि अधिनियम के पारित होने के दस वर्ष बाद एक संवैधानिक आयोग की नियुक्ति की जाएगी, जो इसका प्रगति की जाँच करेगा। सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में गठित साइमन आयोग में कुल सात सदस्य क्लाइमेण्ट एटली, हेनरी लेवी लासन, एडवर्ड काडोगान, वेर्नोन हार्टशोर्न, जॉर्ज लेन फाक्स, डोनाल्ड हावर्ड आयोग के सदस्य थे, चूंकि इसके सभी सदस्य अंग्रेज थे, इसलिए कांग्रेसियों ने इसे श्वेत कमीशन कहा। 11 दिसम्बर, 1927 को इलाहाबाद में हुए एक सवदलीय सम्मेलन में आयोग में एक भी भारतीय सदस्य को न नियुक्त किए जाने के कारण इसके बहिष्कार का निर्णय लिया गया। साइमन कमीशन का विरोध : •8 नवम्बर, 1927 को साइमन कमीशन की नियक्ति की घोषणा की गई थी। साइमन कमीशन की भारत में तीव्र प्रतिक्रिया हुई, उसमें एक भी भारतीय की नियुक्ति नहीं की गई थी। 27 दिसम्बर, 1927 को मद्रास में हुए कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन, जिसकी अध्यक्षता एम ए अन्सारी ने की थी, में साइमन कमीशन के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया गया। आयोग जहाँ गया  वहाँ साइमन गो बैक के नारे लगाए गए। 3 फरवरी, 1928 को साइ...

भारत के गवर्नर, गवर्नर-जनरल एवं वायसराय : लार्ड क्लाइव, वारेन हेस्टिंग्स

"भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के विस्तार की प्रक्रिया में गवर्नर जनरलों एवं वायसरायों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उन्होंने न केवल भारत की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करके ब्रिटिश हित में कार्य किया, बल्कि अनजाने में ही भारत के एक राष्ट्र के रूप में उभरने का मार्ग भी प्रशस्त किया।" बंगाल के गवर्नर  : • 1772 ई. तक कम्पनी का कार्य संचालन बंगाल के गवर्नर  के द्वारा किया गया था। 1772 ई. से 1833 ई. तक बंगाल  का गवर्नर, गवर्नर जनरल बन गया। फिर 1833 से  1857 ई. के बीच वह भारत का गवर्नर-जनरल कहा  जाने लगा। 1857 ई. क्रान्ति के बाद भारत के गवर्नर-जनरल का पद समाप्त कर वायसराय नामक नए  पद का सृजन किया गया। पुन: 1935 के भारत शासन । अधिनियम से भारत का गवर्नर-जनरल पद बहाल किया गया। लॉर्ड क्लाइव (1757-60 ई. 1765-67 ई. : • प्लासी की विजय (1757 ई.) के बाद क्लाइव को बंगाल  का गवर्नर बनाया गया। क्लाइव ने बक्सर के युद्ध (1764)  में सफलता के बाद 1765 ई. में बंगाल में द्वैध शासन लागू  किया, जो 1772 ई. तक चलता र...