रामोसी आंदोलन (1822-41 ई.) :चित्तर सिंह और नरसिंह पेतकर
रामोसी आन्दोलन (1822-41 ई.) : • रामोसी आन्दोलन महाराष्ट्र में अकाल तथा भूख की समस्या के चलते प्रारम्भ हुआ था। चित्तर सिंह एवं नरसिंह पेतकर इसके प्रमुख नेता थे। रामोसियों ने सतारा के आस-पास के क्षेत्रों को लूटा तथा किलों पर भी आक्रमण कर दिया। 1825-1826 ई. में भयंकर अकाल और अन्नाभाव के कारण इन्होंने उमाजी के नेतृत्त्व में पुनः विद्रोह किया। यह विद्रोह लगातार 1841 ई. तक चलता रहा। इस काल में नरसिंह दन्तत्रिय पेतकर के नेतृत्व में विस्तृत दंगे हुए।